पवित्र आत्मा का बपतिस्मा या आत्मिक बपतिस्मा क्या होता है ?


पवित्र आत्मा का बपतिस्मा एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति के नये आत्मिक जनम पाने की गति का वर्णन करने के लिए किया जाता है।

एक व्यक्ति जो पवित्र आत्मा को प्राप्त किया हुआ है, तो इसका अर्थ है की पवित्र आत्मा विश्वासी के शरीर में वास परामर्श, मार्गदर्शन, मनुष्य को सही निर्णय लेने के लिए समझ, आत्मा में उसपर दोष लगाने और व्यक्ति की और से प्रार्थना करने के लिए समाया हुआ है।

वह एक महान सहायक है(यूहन्ना 14:16 रोमियों 8:9; 1 कुरिन्थियों 6:19-20, 12:13)। कुछ लोग ऐसी अन्य भाषाओं में बोलने का अनुभव करते हैं जो एक आत्मिक वरदान है। 

मसीही विश्‍वासियों के रूप में, हमारे पास पवित्र आत्मा है जो हममें अपना फल उत्पन्‍न करता है और हमारे पास पवित्र आत्मा की सामर्थ्य पापपूर्ण प्रकृति के कार्यों पर जय पाने के लिए उपलब्ध है (2 कुरिन्थियों 5:17; फिलिप्पियों 4:13)। 

पवित्र आत्मा का बपतिस्मा दो बातों को करता है,

  1.  यह मसीह की देह में हमें जोड़ता है, और 
  2. यह हमारे मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाए जाने को वास्तविक बनाता है। 

देह में होने का अर्थ है कि हम उसके साथ नए जीवन की चाल चलने के लिए जी उठे हैं (रोमियों 6:4)। जैसा कि 1 कुरिन्थियों 12:13 के सन्दर्भ में उल्लेख किया हमें अपने आत्मिक वरदानों का उपयोग इसलिए करना चाहिए जिससे देह ठीक रीति से कार्य करती रहे। 

इफिसियों 4:5 के सन्दर्भ में लिखा है कि एक ही आत्मा के बपतिस्मे का अनुभव करना कलीसिया की एकता के आधार को बनाता है। मसीह की मृत्यु, गाड़े जाने और पुनरूत्थान में आत्मा के बपतिस्मा के द्वारा सम्मिलित होना हमारे भीतर रहने वाले पाप की शक्ति से अलग होना और हमारे नए जीवन की सी चाल चलने के आधार को स्थापित करना है (रोमियों 6: 1-10; कुलुस्सियों 2:12)।